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होम / सोलर गाइड / अध्याय 3

सिस्टम का चुनाव

ऑन-ग्रिड, हाइब्रिड या ऑफ़-ग्रिड? · DCR या Non-DCR मॉड्यूल? · वे पुर्ज़े जो तय करते हैं कि प्लांट कितना टिकेगा

ऑन-ग्रिड, हाइब्रिड या ऑफ़-ग्रिड?

  • ऑन-ग्रिड प्लांट ग्रिड फ़ेल होने पर बंद हो जाते हैं। यह सुरक्षा की ज़रूरत है (एंटी-आइलैंडिंग), कोई ख़राबी नहीं।
  • हाइब्रिड प्लांट में एक लिथियम बैटरी और हाइब्रिड इन्वर्टर जुड़ता है, ताकि बिजली जाने पर चुने हुए सर्किट चलते रहें।
  • ऑफ़-ग्रिड प्लांट पूरी तरह सोलर और बैटरी से चलते हैं, उन जगहों के लिए जहाँ बिजली की भरोसेमंद लाइन नहीं है।
डीज़ल जनरेटर चलाते हैं? जब DG सेट और सोलर प्लांट साथ चलते हैं, तो DG सिंक्रोनाइज़ेशन कंट्रोलर सोलर आउटपुट को जनरेटर के सुरक्षित न्यूनतम लोड से नीचे रखता है, ताकि जनरेटर में कभी उल्टी बिजली (बैक-फ़ीड) न जाए। जहाँ भी साइट पर DG है, हम इसे डिज़ाइन में ज़रूर शामिल करते हैं।

बैटरी बैकअप के लिए ली जाती है, बचत के लिए नहीं। हाइब्रिड सिस्टम को इस बात पर परखें कि वह आपको कितने घंटे बिजली चालू रखता है।

DCR या Non-DCR मॉड्यूल?

हर Waaree मॉड्यूल दो रूपों में आता है। फ़र्क़ बस इतना है कि सोलर सेल कहाँ बना है।

DCR · डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट (देश में बने सामान की शर्त)

भारत में बने सेल और मॉड्यूल। पीएम सूर्य घर सब्सिडी और सरकारी योजनाओं के लिए ज़रूरी।

Non-DCR

आयातित सेल, जिन्हें जोड़कर Waaree मॉड्यूल बनाए जाते हैं। आमतौर पर N-Type TOPCon, जिनमें प्रति वर्ग फ़ुट ज़्यादा वॉट मिलते हैं।

  • DCR सोर्सिंग का नियम है, क्वालिटी का ग्रेड नहीं।
  • लगभग 7 kW तक के घरों के लिए आमतौर पर DCR और सब्सिडी बेहतर रहती है; बड़े घरों के लिए अक्सर Non-DCR बेहतर रहता है। हम आपको दोनों दिखाते हैं।
  • बिज़नेस को कोई सब्सिडी नहीं मिलती, इसलिए आमतौर पर Non-DCR ही चुना जाता है।
  • सब्सिडी वाले एक ही सिस्टम में DCR और Non-DCR को मिलाया नहीं जा सकता।

वे पुर्ज़े जिनसे तय होता है कि प्लांट टिकेगा या नहीं

कंपोनेंटक्यों ज़रूरी है
AC डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स (ACDB)प्लांट को अलग (आइसोलेट) करता है, सर्ज से बचाता है और मीटरिंग इसी में होती है। कम रेटिंग वाला ACDB अक्सर खराबी की वजह बनता है।
DC डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स (DCDB)पैनलों के ऐरे और इन्वर्टर के बीच स्ट्रिंग फ़्यूज़ और DC सर्ज प्रोटेक्शन, जहाँ डिज़ाइन में इनकी ज़रूरत हो।
अर्थिंगDC साइड, AC साइड और लाइटनिंग अरेस्टर के लिए अलग-अलग अर्थ पिट — जाँचे हुए और रिकॉर्ड किए हुए।
लाइटनिंग अरेस्टरपैनलों और जिस इमारत पर वे लगे हैं, दोनों की रक्षा करता है। इस इलाक़े में यह ज़रूरी है, वैकल्पिक नहीं।
केबलसोलर-ग्रेड DC केबल जो दशकों तक धूप झेल सके, और सही साइज़ की AC केबल ताकि नुकसान कम रहे।
स्ट्रक्चरहॉट-डिप गैल्वनाइज़्ड स्टील, छत और हवा के दबाव (विंड लोड) के हिसाब से डिज़ाइन किया हुआ: मोनो रेल, शॉर्ट रेल या ऊँचा (एलिवेटेड)।
वॉकवेबड़ी छतों पर मॉड्यूल पर पैर रखे बिना सफ़ाई और मेंटेनेंस के लिए सुरक्षित रास्ता।

क्या आप चाहेंगे कि आपका बिल हम पढ़ें?

इसे WhatsApp पर भेजें। हम इसे समझकर बताएँगे कि इनमें से कौन-से नियम लागू होते हैं, और उसी हिसाब से प्लांट का साइज़ तय करेंगे।